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नजर best attitude shayari najar hindi shayari

हमारे अंदर इतना attitude है की जब हम किसी 
फोन को भी हाथ मैं लेते है तो वो भी गर्म जाता है
 
Humare andar itna attitude hai ki jab hum kisi phone ko bhi hath mein lete 
#hai to wo #bhi #garma #jata #hai

हमारी आदत नही है किसी के सामने सिर 
झुकाने की और ना ही आदत है आंशु बहाने 
की पछताओगे बहुत तुम जब हम खो जायेंगे 
क्योंकि हमारी लौट कर आने की आदत नहीं है 

Humari aadat nhi hai kisi ke samne 
sir jukane ki or na hi aadat hai 
anshu bhane ki pachtaoge bhut tum 
jab hum kho jayenge kyunki humari 
lot kr aane ki aadat nhi hai

ये तेरी सोच है की तेरे काबिल नही है हम उनसे जाकर पूछो हमारी चाहत जिनको हासिल नही है हम

Ye teri soch hai ki tere kabil nhi 
hai hum unse jakar pucho humari 
chaht jinko hasil nhi hai hum

आग लगाना हमारी फितरत मै नही है अब लोग 
हमारी हंशी से जलते है तो इसमे हमारा दोष नही

Aag lagana humari fitrat mein 
nhi hai ab log humari hanshi se 
jlte hai to isme humara dosh nhi 

चलो आज फिर थोड़ा मुस्कुराया जाए बगेर 
माचिस की तीली के ही लोगो को जलाया जाए

Chalo Aj fir thoda muskuraya jaye bger machish ki tili ke hi logo ko jlaya jaye

हम खुद को ओरो की नजर से नही देखता 
हु जैसा भी हु हुम्हे खुद को पता है 

Hum khudh ko oro ki njar se nhi dekhta hu jaisa bhi hu humhe khudh ko pta hai

बात इतनी सी है की हम उन रास्तो के उपर न
ही चलते है जिनपे चलना आम बात होती है

Bat itni si hai ki hum un rasto ke upar nhi chalte hai jinpe chlna aam bat hoti hai





 

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