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जब किसी का दिल टूट ता है तो बहुत दर्द होता है sad शायरी ईन best shayri pics


जब किसी का दिल टूट ता है तो दर्द बहुत दर्द होता 💔 है




1.अगर मेरे राज को दिखावा ना कहो तो एक   बात बोलूँ में धीरे-धीरे तेरे बिन मर जाऊँगा 


Agar mere raj ko dikhawa na kho to ek bat bolu mein dhire dhire tere bin mar jaunga 




2.मतलबी दुनिया है नफरतों का कहर है,ये दुनिया पिलाती जहर है और दिखाती शहद है

Matlbi duniya hai nafrto ka khar hai ye duniya pilati jhar hai or dikhati shad hai 





3.शायर भी अजीब तरह से इश्क ब्यां करते है...*आँखौ के आंसुओ को दावत पर बुलाते है और 💔 दिल के दर्द का  जोरों से जश्न मनाते है....🌹**


Shayar bhi ajib trh se Isqe byan krte hai Ankho ke aansuo ko dawat par bulate hai or dil ke drd ka zoro se jsn mnate hai 





4.परस्थितियां जब अपने से विपरीत होती है तब व्यक्ति का रुतबा , पैसा, स्वभाव और ताकत जैक कुछ भी काम नही आता है सब वही रह जाते हैं *



Prisththiya jab apne se viprit hoti hai tab insan ka rutba paisa sawbaw or taqat Jack kuch bhi kam nhi aata hai sab vhi rh jate hai 




5.कुछ अलग किस्म के जज़्बात हैं मेरे
कभी उन्हें दिल से समझने का कष्ट तो कीजिए

Kuch alag kism ke jajbat hai mere kabhi unhe dil se samgne ka kasth to kijiye 




6.किस्सों की किताबों में ढूंढा गया मुझे... पर मैं तो कहानी की किताब में था,*
और आप तो किनारे से लौट आये...और मैं वहीं पानी मे डूब रहा था 


Kisso ki kitabo me dunda gya mujhe par mein to khani ki kitab mein tha or app to kinaro se lot aaye or mein vhi pani me dub rha tha 🤔 





7.अगर बात किसी की अच्छाई की हो तो सब खामोश रहते हैं लेकिन बात उसकी बुराई की हो तब गूंगे भी बोल पड़ते हैं

Agar bat kisi ki achai ki ho to sab khamosh rhte hai lekin bat uski burai ki ho tab gunge bhi bol pdte hai 




8.अगर झुकने से रिश्ता गहरा हो तो झुक जाना बेहतर है , लेकिन हर बार आपको ही झुकना पड़े तो वही रुक जाओ

Agar jukne se rista ghara ho to juk jana behtar hai lekin har bar aapko hi jukna pde to vhi ruk jao 





9आँखें भी रो पड़ी जब उसका ना कोई खत आया 
भूल गये वो हमें ना सलाम आया
मेरा अकेलापन आकार मुझ से बोला " बता"
की अब मेरे सिवा तेरे कौन काम आया



Aankhe bhi ro pdi jab uska na koi khat aaya bhul gye wo humhe na slam aaya mera akelapan aakr muj se bola bta ki ab mere siwa tere kon kam aaya 





10.इंसान भी कमाल है,नाटक में लोगों का दुःख देखकर रो पड़ता है, और असल में लोगों के दुःख को नाटक समझता है


Insan bhi kmal hai natak mein logo ka dukh dekhkar ro pdta hai or asal mein logo ke dukh ko natak 🎩 samghta hai 


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