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dhokha शायरी 5+ meri_shayri


अर्रे मानस न्यु ही ना उजड़ता मेरे भाई
उस ने उसे की कमजोरी उजाड़ा कर😢
एरर जिसने देख के मोत भी हार ज्या कर
उसने आखिर मे छोरी मरवाया  कर 💔


Are manas nyu hi na ujdta mere bhai 
Us ne use ki kamjori उजाड़ा kr 💔🙏
Ar jisne dekh ke bhi mot har ज्या h 
Usne akhir me chori marwaya kr 😢







आर जनाब य़हा कोई किसे का नहींीं खास  है
एरर बात भी लोग जब करते हैं 😒 
जब उन धोखेबाजा का टाईम पास ना होता

Ar jnab yha koi kise ka khash nahi hota hai ar bat bhi log jab krte hai 😒
Jab un dhokhebaja ka time pass na hota 


एक बात हमेशा याद रखना कभी किसी को 
अपना बनाने के बाद उसे धोखा मत देना 

Ek bat humesha yad rakhna kabhi kisi ko 
Apna banane ke bad use dhokha mat dena 

पत्थर भी अपने हो जाते हैं जब
कोई चाहे दिल से और ये इंसान मिट्टी
का होकर भी इतना घमंडी कैस है 

Pathar bhi apne ho jate hai jab
koi chahe dil se or ye insan mitti
ka hoker bhi itna gamndi kaise hai 


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