Dhokha shayri 10+ meri_shayri


कांटे की छोड़ मेरे भाई 🙎‍♂️ 
हमने तो फूला 🌹 पे भी जख्म खाए है 
और कतई भीतर बड़ के कालजा चिर गे 
जो जो मने ये छाती के लाए थे 



Kante ki chod mere bhai 🙎‍♂️
Humne to fula🌹 pe bhi jkam khaye h
Or kati bitr bad ke kalza chir ge 😷
Jo jo mne apni chati ke laye the 😢







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हमारी दिवानगी का सितम तो देखो 
जिनने हमको धोखा दिया उनको 😞
हम आज भी दिल से चाह रहे हैं 😒 

Humari diwangi ka sitam to dekho 
Jinne humko dhokha diya unko 😞
Hum Ajj bhi dil se chah rhe hai 😒

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किसी ने आकर पूछा मुझसे की 
जिन्दगी मे किया क्या है तुमने 
हमने हंस कर जबाव दिया 
की कभी किसी को धोखा नहीं दिया 


Kisi ne aker pucha mujhse ki 
Jindgi me kiya kya hai tumne 
hamne hans kr jvab diya ki 
Kabhi kisi ko dhokha nahi diya 



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ग़लती मेरी थी की मेने तुम्हें मोका दिया 
गलती तेरी नहीं है की तुमने धोखा दिया 


Galti meri thi ki mene tumhe moka diya 
Galti teri nahi  hai ki tumne dhokha diya 


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चेहरे की चमक ही धोखा देती है अक्सर 
क्यूँकी हर कांच का टुकड़ा मोती नहीं होता 


Chehre ki chamk hi dhokha deti hai akshar 
Kyunki har kanch ka tukda moti nahi hota 


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धोखा हमने दोनों ने ही खाया है
तुमने हमको औरो जैसा समजा 
और हमने तुम्हें औरो से अलग 


Dhokha humne dono ne hi khaya hai 
Tumne humko oro jaisa samgha 
Or humne tumko oro se alag 




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