चाहने वालो के दिए हुए घाव आज भी हैं



jab bhi koi mujhhe jaan se jyada chahata hain.

to ab viswas nhi hota kyunki

pahle bhi koi esa hi bhram tha

jiske ghav aaj bhi hain.










जब भी कोई मुझे जान से ज्यादा चाहता हैं

तो अब विश्वास  नहीं होता हैं 

क्यूंकि पहले भी कोई चाहता था 

 जिसके दिए हुए घाव आज भी हैं 

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